भाजपा नेता मनोज साहू के आंदोलन से गरमाया प्रशासनिक मुद्दा, शिकायतकर्ताओं की उम्मीदें फिर से जागी..

प्रशासनिक सिस्टम के खिलाफ भाजपा नेता मनोज साहू के सत्याग्रह की आहट, सोशल मीडिया पर मिल रहा जनसमर्थन
शिकायतों पर जांच में लीपापोती के आरोपों के बीच फिर जगी निष्पक्ष कार्रवाई की फिर से जगी उम्मीद
कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक में प्रशासनिक सिस्टम की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा नेता मनोज साहू द्वारा सत्याग्रह आंदोलन की तैयारी की चर्चा ने क्षेत्र में नई हलचल पैदा कर दी है। प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ प्रस्तावित इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर लोगों का समर्थन भी मिलता दिखाई दे रहा है। खासतौर पर उन शिकायतकर्ताओं की उम्मीदें फिर से बढ़ी हैं, जो पूर्व में अपनी शिकायतों पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में कथित लीपापोती का आरोप लगाते रहे हैं।
कटगोड़ी ग्राम पंचायत से जुड़े मामले में शिकायतकर्ताओं द्वारा पूर्व में प्रशासन के समक्ष शिकायतें किए जाने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शिकायतों की जांच के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और पूरी प्रक्रिया में कथित तौर पर लीपापोती की गई। अब भाजपा नेता मनोज साहू द्वारा प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आंदोलन की बात सामने आने के बाद शिकायतकर्ताओं को एक बार फिर उम्मीद जगी है कि उनके मामलों की निष्पक्ष जांच क्या हो सकती है?
सोशल मीडिया पर समर्थन, शिकायतकर्ताओं में नई उम्मीद
मनोज साहू के प्रशासनिक सिस्टम के खिलाफ आंदोलन के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ शिकायतकर्ताओं और अन्य लोगों ने पोस्ट कर उन्हें समर्थन देने की बात कही है। सोशल मीडिया पर मिल रहे इस समर्थन को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से असंतुष्ट लोगों की नाराजगी के रूप में भी देखा जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि पूर्व में की गई शिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से हुई होती और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई होती तो उन्हें दोबारा अपनी बात उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। अब आंदोलन की आहट के बीच उन्हें उम्मीद है कि संबंधित मामलों की जांच दोबारा निष्पक्ष तरीके से होगी और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।
भाजपा सरकार में भाजपा नेता का प्रशासन के खिलाफ आंदोलन चर्चा में
इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक पहलू भी चर्चा का विषय बना हुआ है। केंद्र से लेकर राज्य और स्थानीय स्तर तक भाजपा का प्रभाव होने के बावजूद भाजपा नेता द्वारा प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आंदोलन की राह अपनाने की स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है।
लोगों के बीच यह चर्चा है कि जब सत्ता में भाजपा की सरकार है, तब उसी दल से जुड़े नेता को प्रशासनिक कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाने और आंदोलन की जरूरत क्यों महसूस हो रही है। वहीं, प्रशासनिक रवैये से कथित तौर पर असंतुष्ट लोगों का सोशल मीडिया पर मनोज साहू के समर्थन में सामने आना भी इस पूरे मामले को खासा महत्वपूर्ण बना रहा है।
अब निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
फिलहाल शिकायतकर्ताओं की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। उन्हें उम्मीद है कि पूर्व में की गई शिकायतों में लगाए गए आरोपों की निष्पक्षता से समीक्षा होगी और यदि जांच में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, भाजपा नेता मनोज साहू के प्रस्तावित सत्याग्रह आंदोलन को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा तेज है।
कटगोड़ी ग्राम पंचायत से जुड़े शिकायतों के इस मामले में अब प्रशासन किस तरह आगे बढ़ता है और क्या शिकायतकर्ताओं को निष्पक्ष जांच की उम्मीद पूरी होती है, यह आने वाला समय तय करेगा।




