दूरस्थ स्कूलों में पहुंचीं कलेक्टर, बच्चों से किया सीधा संवाद* *प्राचार्य को फटकार, छात्राओं को दी सीख-हर लड़की का आत्मनिर्भर होना जरूरी*

*कोरिया,/* कलेक्टर
रोक्तिमा यादव ने सोनहत विकासखंड के ग्राम उज्ञाव और बंशीपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों की शैक्षणिक समझ परखी और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के संबंध में सवाल किए। कक्षा 9वीं और 10वीं की छात्राओं से ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल हल करवाए, वहीं प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों से पहाड़े और कविताएं सुनीं। बच्चों की शैक्षणिक समझ और उत्साह देखकर उन्होंने उनका उत्साहवर्धन किया।
*हर लड़की का आत्मनिर्भर होना जरूरी*’
छात्राओं से संवाद करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। सपने देखना, उनका पूरा होना और कभी बिखर जाना भी जीवन का हिस्सा है। सफलता और असफलता दोनों परिस्थितियों में अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लड़की का आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह मायने नहीं रखता कि कोई गांव से है या शहर से अथवा आर्थिक रूप से संपन्न परिवार से या कमजोर परिवार से। अभावों में पले-बढ़े अनेक लोगों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर देश-दुनिया में पहचान बनाई है। विद्यार्थियों को हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और मन में किसी तरह की हीन भावना नहीं रखनी चाहिए।
कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि वे अपने शिक्षक-शिक्षिकाओं से खूब सवाल करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह प्रकृति में अलग-अलग तरह के पेड़, पौधे और फूल होते हैं, उसी तरह समाज में भी हर व्यक्ति की अपनी विशेषता और महत्व है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि आज नियमित रूप से 5 से 7 घंटे मेहनत करेंगे तो यही मेहनत भविष्य और करियर की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि करियर बनाने के लिए केवल पढ़ाई ही एकमात्र रास्ता नहीं है। खेल, कला, संस्कृति, व्यवसाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में रुचि और जुनून के साथ आगे बढ़कर भी जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।
*प्राचार्य को फटकार, शिक्षण में गुणवत्ता लाने के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य मेही लाल को पढ़ाई में गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए और लापरवाही पर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी भी दी जाए।
कलेक्टर ने प्राथमिक कक्षा के बच्चों द्वारा 17 और 23 के पहाड़े सुनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों में सीखने और समझने की क्षमता है, उसे निखारने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को अपने बच्चों की तरह समझकर पूरे मन से पढ़ाएं और उनके भविष्य को संवारने में अपनी भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि खेल-खेल में गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों को भी आसानी से समझाया जा सकता है। विद्यार्थियों को जिले, संभाग, प्रदेश और देश की प्रमुख संस्थाओं एवं व्यक्तित्वों के बारे में भी जानकारी दी जाए, ताकि उनमें सामान्य ज्ञान के साथ आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित हो।
कलेक्टर के संवाद से प्रभावित विद्यार्थियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और बताए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।



