पेपर लीक या ‘सप्लीमेंट्री’ वाले जिम्मेदार?या फिर सॉर्ट कट,निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही हो गया था पूरा…

सोनहत न्यू बस स्टैंड के सूचना पटल पर दर्ज तारीखों ने खड़े किए सवाल, कागजों में निर्माण या जिम्मेदारों की लापरवाही?
कोरिया जिले के सोनहत स्थित न्यू बस स्टैंड में लगे निर्माण कार्य के सूचना पटल ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना पटल पर दर्ज विवरण के अनुसार एक ओर कार्य प्रारंभ दिनांक 02 फरवरी 2022 अंकित है, वहीं दूसरी ओर कार्य पूर्णता दिनांक 28 नवंबर 2021 दर्ज है। यानी सूचना पटल पर दर्ज तारीखों को देखा जाए तो निर्माण कार्य शुरू होने से करीब दो महीने पहले ही पूर्ण हो चुका था।
मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही पूर्ण कैसे हो गया? क्या सूचना पटल तैयार करते समय तारीखों में गलती हुई, या फिर सरकारी दस्तावेजों में दर्ज जानकारी की वास्तविकता की जांच किए बिना ही कार्य को पूर्ण दर्शा दिया गया?
सूचना पटल पर स्थान—सोनहत ग्राम पंचायत सोनहत, न्यू बस स्टैंड तथा योजना के रूप में रूर्बन मिशन योजना का उल्लेख दिखाई दे रहा है। साथ ही कार्य प्रारंभ एवं पूर्णता की तारीख भी अंकित है। मौके की तस्वीर में सूचना पटल पुराना और जर्जर हालत में नजर आ रहा है, लेकिन उस पर दर्ज तारीखों का अंतर अब जांच का विषय बन गया है।
पेपर लीक या ‘सप्लीमेंट्री’ वाले जिम्मेदार?
सरकारी निर्माण कार्यों में तारीखों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि कार्य प्रारंभ, कार्य पूर्णता और भुगतान से जुड़े दस्तावेज इसी आधार पर तैयार किए जाते हैं। ऐसे में यदि सूचना पटल पर दर्ज तारीखें सही हैं तो कार्य प्रारंभ होने से पहले पूर्णता की तारीख दर्ज होना गंभीर सवाल खड़ा करता है। वहीं यदि यह महज लेखन की गलती है तो जिम्मेदार विभाग को इसे स्पष्ट करते हुए सही जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
अब सवाल यह भी है कि कार्य की वास्तविक शुरुआत और पूर्णता की तारीख क्या थी? कार्य का भुगतान कब हुआ? माप पुस्तिका (एमबी) में क्या तारीख दर्ज है और संबंधित अधिकारियों ने कार्य का सत्यापन कब किया?
पूरे मामले में संबंधित विभाग से दस्तावेजों की जांच और स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। तारीखों के इस ‘उलटफेर’ ने फिलहाल निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।




