बैकुंठपुर प्रभारी जनपद सीईओ विधायक की भी नहीं सुन रहे? पंचायत सचिव से त्रस्त जनप्रतिनिधि और ग्रामीण..

विधायक की अनुशंसा के बाद भी कार्रवाई नहीं!
पिपरा सचिव के तबादले की शिकायत 10 दिन से ठंडे बस्ते में, प्रभारी जनपद सीईओ की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बैकुंठपुर/ ग्राम पंचायत पिपरा में पदस्थ पंचायत सचिव आगर साय के स्थानांतरण की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा जिला पंचायत सीईओ को शिकायत दिए जाने के बाद भी अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सचिव वर्ष 2020-21 से लगातार पिपरा ग्राम पंचायत में पदस्थ हैं और लंबे समय से एक ही पंचायत में रहने के कारण पंचायत के कामकाज में कथित तौर पर मनमानी की स्थिति बनी हुई है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार पंचायत सचिव आगर साय के पास ग्राम पंचायत जमड़ी का भी प्रभार है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पिपरा पंचायत में सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष है तथा जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ अपेक्षित तालमेल नहीं होने से विवाद की स्थिति बनती रहती है। शिकायत में पिपरा पंचायत के कार्यभार से सचिव को मुक्त कर उन्हें जमड़ी पंचायत में पदस्थ करने तथा पिपरा में किसी अन्य सचिव की पदस्थापना की मांग की गई है।

विधायक तक पहुंची शिकायत, जनपद सीईओ को कार्रवाई के निर्देश
मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े के समक्ष भी अपनी समस्या रखी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए विधायक ने बैकुंठपुर जनपद पंचायत के प्रभारी सीईओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।
लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विधायक की अनुशंसा के बावजूद बैकुंठपुर जनपद के प्रभारी सीईओ की ओर से मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायत दिए और विधायक की अनुशंसा के करीब 10 दिन बीत जाने के बाद भी मामला जस का तस होने से शिकायतकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
विधायक की अनुशंसा भी बेअसर?
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की शिकायत के बाद मामला विधायक तक पहुंचा और विधायक ने भी आवश्यक कार्रवाई के लिए जनपद सीईओ को पत्र भेजा, तो आखिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों के निराकरण में देरी से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं। वहीं, प्रभारी जनपद सीईओ की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की शिकायत तथा विधायक की अनुशंसा के बाद भी कार्रवाई के लिए किसी और निर्देश का इंतजार किया जा रहा है?
फिलहाल मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है और अब देखना होगा कि पिपरा पंचायत के सचिव के स्थानांतरण की मांग पर जनपद पंचायत स्तर से क्या निर्णय लिया जाता है। शिकायतकर्ताओं ने मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।



