ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड से मिल रही योजनाओं की पूरी जानकारी रोजगार सह आवास दिवस पर पंजीकृत श्रमिकों ने जाना वीबीजीरामजी के अनुमेय कार्यों का विवरण

कोरिया
। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में पारदर्शिता और ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। जिले की सभी 162 ग्राम पंचायतों में लगाए गए स्वप्रकटीकरण क्यूआर कोड के माध्यम से ग्रामीण अब विकसित भारत जीरामजी योजना के लाभ और अनुमेय कार्यों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर रहे हैं।
बुधवार को जिले की ग्राम पंचायतों में रोजगार सह आवास दिवस मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पंजीकृत श्रमिकों और ग्रामीणों ने क्यूआर कोड स्कैन कर योजना के तहत ग्राम पंचायतों में कराए जा सकने वाले 375 प्रकार के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही श्रमिकों की कार्य मांग और आवश्यकताओं की पहचान की गई।
पांच वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा
रोजगार सह आवास दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायतों में आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना को लेकर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों ने उपलब्ध संसाधनों के आधार पर विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने में सहभागिता की। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के परिवारों को भी विकास कार्यों की योजना में शामिल करने पर जोर दिया गया। पंजीकृत श्रमिकों की मांग के अनुसार स्वीकृत कार्यों को शीघ्र शुरू कराने की जानकारी भी दी गई।
आवास निर्माण की प्रगति की समीक्षा
दिवस के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। हितग्राहियों को आवास निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। निर्माण में आ रही तकनीकी एवं अन्य समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण किया गया। वहीं कुछ ग्राम पंचायतों में मुख्यमंत्री आवास योजना और जनमन आवास योजना के लंबित जियो टैगिंग कार्य भी तत्काल पूर्ण कराए गए।




