योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई- जिला पंचायत सीईओ योगेन्द्र श्रीवास*

*आवास, स्वच्छता और आजीविका सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा; समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश*
*कोरिया/* जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेन्द्र श्रीवास ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि क्रियान्वयन में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित मैदानी अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्यप्रणाली में सुधार कर निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर रोक्तिमा यादव द्वारा विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा और लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देशों के क्रम में सोमवार को यह समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने विभिन्न योजनाओं के मानक बिंदुओं पर प्रगति का आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
*प्रतिदिन ग्राम पंचायतों का भ्रमण करें तकनीकी सहायक*
विकसित भारत जीरामजी योजना की समीक्षा के दौरान श्रीवास ने सभी तकनीकी सहायकों को प्रतिदिन ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर बालिकाओं के शौचालय, मुक्तिधाम शेड और जल संरक्षण कार्यों की निगरानी तथा समय पर मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वीकृत कार्यों के लिए अविलंब वर्क कोड जारी कर कार्यों में प्रगति लाने को कहा।
उन्होंने आगामी सप्ताह में ग्राम पंचायतों में बैठक आयोजित कर विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। इसमें स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार विकास कार्यों का चिह्नांकन कर तकनीकी सहयोग से कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
*अपूर्ण आवासों को पूरा कराने हितग्राहियों से रखें नियमित संवाद*
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2016 से 2023 तक के अपूर्ण आवासों की समीक्षा करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने पात्र हितग्राहियों से नियमित संवाद कर निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वीकृत आवास का निर्माण पूर्ण होने तक उसकी प्रगति की निरंतर निगरानी की जाए।
निर्माण के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से तकनीकी अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण तथा बैठक करने के निर्देश भी दिए गए।
*शौचालय निर्माण समय पर पूरा करें, भुगतान के प्रकरण प्रस्तुत करें*
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की समीक्षा में ग्राम पंचायतों के सार्वजनिक स्थलों पर स्वीकृत सामुदायिक शौचालयों का निर्माण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
श्रीवास ने जनपद स्तर के ब्लॉक समन्वयकों को प्रतिदिन ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर व्यक्तिगत शौचालयों की पूर्णता सुनिश्चित करने को कहा। पूर्ण हो चुके कार्यों के आवश्यक दस्तावेज तैयार कर भुगतान के लिए प्रकरण जिला पंचायत में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, आवश्यकता के अनुसार प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी संरचनाओं के निर्माण प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करने को कहा गया।
*समूहों के चयन में पारदर्शिता और पात्रता का रखें ध्यान*
ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने सभी पीआरपी, सीआरपी और ब्लॉक समन्वयकों को लक्ष्य के अनुरूप लोकोस में प्रविष्टियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सीएलएफ के माध्यम से राशि उपलब्ध कराने के लिए समूहों के चयन में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। इसके लिए स्पष्ट पात्रता मानदंडों के आधार पर चरणबद्ध प्रक्रिया निर्धारित करने को कहा गया।
बैठक में सामाजिक समावेशन, वित्तीय समावेशन और लखपति दीदी से संबंधित प्रगति की भी समीक्षा की गई। श्रीवास ने डीपीआरसी के पुराने भवन में आवश्यक सुधार कर उसे प्रशिक्षण कार्यों के लिए उपयोगी बनाने के निर्देश दिए।



